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    Table of content
  1. हलासन का अर्थ | Halasana meaning
  2. हलासन कैसे करते है ? | Halasana steps
  3. हलासन के लाभ | Halasana benefits
  4. आसन लगाने की अवधि (Duration)
  5. हलासन की सावधानियां / Halasana Precautions

हलासन का अर्थ | Halasana meaning

इस आसन में मनुष्य के शरीर की आकृति खेत जोतने वाले हल के समान प्रतीत होती है । इसी कारण ऋषियों ने इस आसन का नाम हलासन रखा था। हलासन को english में "Plow-pose" भी कहते हैं।
अगर आपको झुकने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है या आपकी उम्र के साथ-साथ आपके शरीर में बीमारियां बढ़ रही हैं तो यह आसन आपके लिए अत्यधिक लाभदायक सिद्ध हो सकता है। इस आसन की कमर दर्द, बुढ़ापे के रोग और मोटापे को खत्म करने के लिए जितनी प्रशंसा की जाए उतनी कम है।

हलासन कैसे करते है ? | Halasana steps

अब हम इसको करने की विधि 10 steps में बताने जा रहे हैं, परंतु हमने इसे 2 भागो( parts) में बांटा है। Part -1 में हम सर्वांगासन की मुद्रा में आएंगे और 2nd part से हलासन शुरू होगा जोकि आप ध्यान पूर्वक पढ़ें -


  1. सबसे पहले एक कंबल बिछाएं और बिल्कुल सीधे लेट जाइए , दोनो पैरों की ऐड़ी और अंगूठे परस्पर चिपके रहने चाहिए और हाथों को बिलकुल सीधे करके हथेलियों को नीचे करके नितम्बो के बगल में कंबल पर रखें।
  2. अब गहरी सांस भरते हुए दोनो पैरों को सीधे रखकर एकसाथ या एक एक करके ऊपर उठाइए और कमर भूमि पर ही रखें। ( इससे कमर पर 90° का angle बनेगा)
  3. अब पैरों को कमर के साथ ऊपर सीधा उठाते जाएं, जबतक आपकी ठुड्ढी सीने से नही लगने लगने। इस समय आप संतुलन बनाने के लिए हथेलियों को कमर पर रख लें ( यहां तक यह सर्वांगासन के समान है)।


  4. अब सांस को पूरी तरह से बाहर निकालते हुए ,पैरों को धीरे धीरे आगे लेते जाएं और पैर के अंगूठों को सिर के पीछे भूमि पर टिका लें।
  5. ध्यान रहे की घुटने बिलकुल भी मुड़े नहीं, पैर एकदम तने हुए रहने चाहिए।
  6. इस समय आप अपनी हथेलियों को भूमि पर सीधा भी रख सकते हैं और कमर पर भी रख सकते हैं, जिसमे आपको अधिक सुविधा हो वैसे ही रख लें।
  7. जितनी देर आप सरलता से इस स्तिथि में रह सकते हैं उतनी देर रहें।
  8. अब धीरे धीरे सांस भरते हुए पैरों को पुनः ऊपर उठाते जाइए और वापिस सर्वांगासन की स्तिथि में आ जाइए और धीरे धीरे पीठ को भूमि पर ले आएं फिर पैरों को भी नीचे ले आइए। ( ये क्रिया बिल्कुल भी जल्दबाजी में नहीं करें)
  9. अब एकदम सीधे लेट जाइए शवासन की स्तिथि में 1 मिनट तक विश्राम कीजिए, जिससे पूरे शरीर में शुद्ध रक्त का बहाव अच्छे से हो।
  10. ऐसे एक हलासन का एक चक्र पूरा होगा। ऐसे ही ऐसे ही इस आसन को 1-1 मिनट आराम करके 3-4 बार तक लगाइए।

हलासन के लाभ | Halasana benefits

हलासन के लाभों को आप कभी भी कम करके मत आंकना क्योंकि जो इस आसन का दृढ़ता से प्रतिदिन अभ्यास करता है, वही इस आसान की महिमा को अच्छे से समझ सकता है। क्योंकि इस आसन के लाभ जब आपको दिखने लगेंगे तो आप भी इसकी प्रशंसा करते थकेंगे नही। हलासन के लाभ निम्नलिखित हैं -

आसन लगाने की अवधि (Duration)

हलासन की सावधानियां / Halasana Precautions